श्रवण कुमार गुप्ता 9838885767
*कानपुर।* आगामी 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के UPI भुगतान पर 0.4 प्रतिशत MDR और उस पर 18 प्रतिशत GST सहित कुल 0.472 प्रतिशत शुल्क लगाए जाने की प्रस्तावित व्यवस्था के विरोध में गुरुवार को गांधी जयंती के अवसर पर व्यापारियों ने ‘नो UPI डे’ मनाया।
भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के तत्वावधान में प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र, जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता गोरे, जिला वरिष्ठ महामंत्री मनीष गुप्ता सलोने एवं प्रदेश मंत्री रोशन गुप्ता के नेतृत्व में सागर मार्केट, कैनाल रोड के बाहर सड़क पर ‘व्यापारियों की आवाज सुनो सत्याग्रह’ के तहत नगाड़ा और डमरू बजाकर धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान व्यापारियों ने हाथों में पोस्टर लेकर “UPI पर MDR शुल्क मंजूर नहीं” के नारे लगाए और UPI से भुगतान स्वीकार नहीं किया।
*प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र ने कहा* कि MDR के साथ GST लगने से लागत बढ़ेगी और अनरजिस्टर्ड व्यापारियों को इनपुट क्रेडिट भी नहीं मिलेगा। इसका असर देशभर के करोड़ों व्यापारियों पर पड़ेगा। आज जब UPI व्यापार का मुख्य माध्यम बन चुका है, तब अतिरिक्त शुल्क से व्यापारी फिर नकद लेनदेन की ओर लौटने को मजबूर होंगे। दीपावली जैसे त्योहारी सीजन से पहले यह फैसला व्यापारी और ग्राहक दोनों के लिए परेशानी का कारण बनेगा।
*जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता गोरे ने कहा* कि व्यापारी अतिरिक्त लागत को अपनी लागत में जोड़ेगा, जिसका अप्रत्यक्ष बोझ अंततः ग्राहकों पर पड़ेगा। इससे सरकार के कैशलेस अभियान को झटका लगेगा।
प्रदेश मंत्री रोशन गुप्ता, जिला वरिष्ठ महामंत्री मनीष गुप्ता सलोने और कानपुर मोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नीरज बलेचा, संरक्षक सुरेश सिंहवानी व उपाध्यक्ष सुशील तुली ने कहा कि मोबाइल और होलसेल कारोबार में मार्जिन पहले से कम है, ऐसे में यह शुल्क छोटे दुकानदारों और रिटेल कारोबारियों के लिए घाटे का सौदा होगा।
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि MDR शुल्क वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कानपुर के साथ-साथ प्रदेश के अन्य जिलों में भी व्यापारियों ने ‘नो UPI डे’ मनाया।
इस मौके पर प्रदेश संगठन मंत्री संजय भदौरिया, जिला युवा अध्यक्ष आशीष मिश्र, कोषाध्यक्ष मनोज गुप्ता कुक्कू, विनायक पोद्दार, मनोज विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।


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