देश दुनिया लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
देश दुनिया लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शुक्रवार, 9 अगस्त 2024

पत्रकारिता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए चिंताजनक है कानपुर पुलिस कमिश्नरेट का अघोषित आदेश

कानपुर नगर: कानपुर पुलिस कमिश्नरेट का एक अघोषित आदेश, डिजिटल प्लेटफॉर्म- जैसे व्हाट्सएप आदि पर प्रसारित किया जा रहा है। इसमें कहा गया है कि "मैन स्ट्रीम मीडिया" के लोगों को ही प्रेस कांफ्रेंस में बुलाया जाए .....आदि ...यह आदेश अगर सच है तो "पत्रकारिता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए चिंताजनक है।" हम इसकी निंदा करते हैं क्योंकि यह अघोषित आदेश न केवल यूट्यूबर्स के लिए बल्कि छोटे व मझोले वर्ग के अखबारों / डिजिटल प्लेटफॉर्म में कार्यरत सभी पत्रकारों और मीडिया प्रतिनिधियों के लिए भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।


👉इस आदेश से :- 


1. मीडिया की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लग सकता है।

2. यह आदेश उन यूट्यूबर्स और डिजिटल मीडिया प्रतिनिधियों को उनके काम को प्रभावित कर सकता है उन्हें वंचित कर  सकता है। जो ईमानदारी से अपना दायित्व निभा रहे हैं।

3. जिले के अधिकतर थाना प्रभारियों पर मानसिक दबाव अतिरिक्त डाल सकता है।

4. इस आदेश से पत्रकारिता में विविधता और समावेशीपन कम हो सकता है।

इसमें कतई दो राय नहीं कि यह अघोषित आदेश प्रेस/मीडिया के विभिन्न प्रारूपों के बीच भेदभाव पैदा कर सकता है और पत्रकारिता के डिजिटल परिवर्तन को नहीं पहचान रहा है। 

जबकि आवश्यकता इस बात की है कि इसके बजाय, एक समावेशी दृष्टिकोण अपनाना चाहिए जो सभी प्रकार के प्रेस/मीडिया प्रतिनिधियों को समान अवसर प्रदान करता हो।

वही सवाल यह उठता है कि क्या मैन स्ट्रीम मीडिया के लोग क्या अनैतिक, आपराधिक कृत्यों को अंजाम नहीं देते हैं ?

जो लोग इसके पक्षधर हैं, उन्हें बड़े - बड़े मीडिया घरानों के अखबारों व टी. वी. चैनलों में कार्यरत मीडिया कर्मियों के बारे में दर्ज किए गए मामलों का इतिहास पता करना चाहिए ...! मैन स्ट्रीम मीडिया संस्थानों के मीडिया कर्मियों पर अनेक संज्ञेय आरोप लग चुके हैं और जेल तक जा चुके हैं। जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद फिर "काला/सफेद" कर रहे हैं।

मेरी निजी राय है कि, "चाहे छोटा संस्थान हो या बड़ा, टीवी चैनल हो या यूट्यूबर संस्थान, उसमें कार्य करने वाला व्यक्ति अगर अनैतिक, आपराधिक कृत्यों को कारित कर रहा है या उसका संरक्षण कर रहा है तो उसको चिन्हित किया जाना चाहिए और विधिक प्रक्रिया के तहत कार्यवाही बिना किसी भेदभाव की जानी चाहिए।"

लेकिन जो "व्यक्ति"  ईमानदारी व निष्ठा के साथ पत्रकारिता का कार्य कर रहा हो, फिर चाहे 'वो' किसी भी वर्ग (प्रिंट/इलेक्ट्रॉनिक/डिजिटल) का पत्रकार हो, उसके अधिकारों का हनन नहीं किया जाना चाहिए।


लेखक कानपुर नगर के वरिष्ठ पत्रकार है।

      श्याम सिंह 'पंवार' 

  (लघु श्रेणी का पत्रकार)

रविवार, 9 अप्रैल 2023

झांसी कानपुर हाईवे पर भीषण सड़क हादसा चार लोगों की मौत दो लोग गंभीर रूप से घायल

 रिपोर्ट: मोहम्मद जावेद 

Mob:9336272895







झाँसी कानपुर नेशनल हाईवे पर भीषण सड़क हादसे में चार लोगों की मौत दो की हालत नाजुक जिला अस्पताल झाँसी में चल रहा इलाज घटना की सूचना लगते ही मौके पर पहुंचा भारी पुलिस बल जांच में जुटी।


आपको बता दें पूरा मामला झाँसी कानपुर नेशनल हाईवे 27 करगुवा शनिदेव मंदिर के पास का है। जहां पर एक अर्टिका कार झाँसी की ओर से कानपुर की ओर जा रही थी। जैसे ही वह चिरगांव थाना अंतर्गत शनिदेव मंदिर के पास पहुंची ही थी की तभी कार का टायर फट गया और वह डिवाइडर को लांघती हुए विपरीत रोड पर ट्रक से जा टकराई जिसमें घटनास्थल पर ही एक महिला और पुरुष की दर्दनाक मौत हो गई थी। वही चार घायलों को पुलिस और एंबुलेंस की मदद से उपचार के लिए झाँसी अस्पताल भेजा था। झाँसी में भी 2 लोगों ने दम तोड़ दिया मामले में कुल अभी तक चार लोगों की मौत हो चुकी है, और दो की हालत नाजुक बनी हुई है। 

गैस कटर से गाड़ी को काटकर अन्य लोगों की बचाई जान

सड़क हादसा इतना भीषण था कि गाड़ी जब ट्रक से टकराई तो गाड़ी के अगले हिस्से में बैठी महिला की गर्दन धड़ से अलग हो गई वही ड्राइवर फसा रह गया। गाड़ी में कुल 6 लोग सवार थे। गाड़ी टकराने के बाद वह सब गाड़ी में ही फस गए थे। वही टोल प्लाजा मैनेजर एसएस सिकरवार ने तत्काल टोल कर्मियों को निर्देशित करते हुए गैस कटर को मंगवाया और गैस कटर से कार को काटकर, कड़ी मशक्कत के बाद कार में फसे लोगों को बाहर निकाला। वही घायलों को जिला अस्पताल भेजा।

घटना पर यह बोले पुलिस अधीक्षक ग्रामीण

घटना की जानकारी पुलिस अधीक्षक ग्रामीण झाँसी गोपीनाथ सोनी ने देते हुए बताया कि झाँसी कानपुर नेशनल हाईवे 27 पर  सड़क हादसा हो गया जिसकी सूचना चिरगांव थाना पुलिस को मिली थी घटनास्थल पर पहुंचकर पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल भेजा वही इस पूरे मामले में अभी तक कुल 4 लोगों की मृत्यु हो गई है, और 2 लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है पुलिस और टोल कर्मियों की मदद से रास्ते को सुचारु रुप से शुरू करा दिया है। वहीं कानून व्यवस्था बनी हुई है।


मृतकों के नाम :


1. किरन मिश्रा पत्नी राकेश मिश्रा 


2. कुशुमलता पत्नी ई.डी. अवस्थी 


3. नीलम तिवारी 


4. सुरेश चन्द्र तिवारी निवासी कानपुर नगर 


घायल व्यक्तियों के नाम


1. महेश चन्द्र तिवारी पुत्र अनन्त कुमार तिवारी निवासी उन्नाव 


2. राकेश मिश्रा

बुधवार, 3 फ़रवरी 2021

#BiggBoss के एक्स कंटेस्टेंट Swami Om का निधन

नई दिल्ली| 'बिग बॉस' (Bigg Boss) के एक्स कंटेस्टेंट स्वामी ओम (Swami Om) को लेकर एक बुरी खबर सामने आ रही है. कुछ देर पहले ही स्वामी ओम (Swami Om) का निधन हो गया है.वह बीते कुछ महीनों से बीमार थे, उन्हें तीन महीने पहले कोरोना हुआ था. जिसके बाद उनका एम्स में इलाज चल रहा था. अब कुछ देर पहले ही उन्होंने अपने निवास NCR के लोनी स्थित DLF अंकुर विहार में अंतिम सांस ली है. उनका अंतिम संस्कार आज निगम बोध घाट, दिल्ली पर दोपहर 1:30 बजे किया गया.

हाल ही में मिली थी कोर्ट से राहत 

आपको याद दिला दें कि साल 2017 में निजता जैसे गंभीर मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने 24 अगस्त 2017 को बिग बॉस से चर्चित हुए स्वामी ओम पर सुप्रीम कोर्ट ने दस लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया था. दरअसल स्वामी ओम ने याचिका में कहा था कि हाई कोर्ट और सुप्रीम में जजो की नियुक्ति करते समय CJI से सिफारिश क्यों ली जाती है? इसी पर CJI खेहर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड की बेंच के सामने ये केस आया तो कोर्ट ने कहा कि ये पब्लिसिटी स्टंट है. लेकिन स्वामी ओम ने इस पर जवाब दिया था कि वो 'बिग बॉस' के जरिए पहले ही बहुत पब्लिसिटी पा चुके हैं. इस मामले में बीते साल कोर्ट ने उन्हें जुर्माने के 10 लाख की जगह 8 हफ्ते में 5 लाख रुपए जमा करवाने कहा था|

रविवार, 10 जनवरी 2021

बर्ड फ्लू की कानपुर में दस्तक, 4 पक्षियों की मौत के बाद कानपुर चिड़ियाघर हुआ सील

कोरोना से जूझते भारत में अब परिदों की मौतों से दहशत बढ़ती जा रही है. देश के कई राज्यों में बर्ड फ्लू (Bird Flu) ने दस्तक दे दी है. हिमाचल से केरल और गुजरात से महाराष्ट्र तक कई राज्यों से पक्षियों (Birds) के मरने की खबरें आ रही हैं. हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, केरल और उत्तर प्रदेश ये वो सात राज्य हैं, जहां बर्ड फ्लू की पुष्टि हो चुकी है. वहीं, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र समेत कई अन्य राज्यों में पक्षियों के सैंपल जांच के लिए लैब में भेजे गए हैं.


बर्ड फ्लू वायरस मिलने के बाद कानपुर चिड़ियाघर सील

कानपुर चिड़ियाघर को बर्ड फ्लू वायरस मिलने के बाद सील कर दिया गया है. चार पक्षियों की मौत की जांच रिपोर्ट में बर्ड फ्लू (Bird Flu) की पुष्टि हुई है. कानपुर कमिश्नर राजशेखर के आदेश पर चिड़ियाघर के आस-पास के इलाके को रेड जोन घोषित किया गया है. प्रशासन के साथ इलाके के निवासी भी अलर्ट हो गए हैं.

इसके अलावा जिस बाड़े के पक्षियों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई उसके अन्य पक्षियों को भी चिड़ियाघर प्रशासन ने मारने का आदेश दिया है. बता दें कि कानपुर चिड़ियाघर में दो दिनों में दस पक्षियों की मौत हुई थी. जिनमें चार की जांच के सैंपल भोला लेबोरेटरी भेजे गए थे. जहां से रिपोर्ट में चारों में बर्ड फ्लू (Bird Flu) के लक्षण पाए गए हैं.

गुरुवार, 7 जनवरी 2021

तेलंगाना देश का तीसरा राज्य बना जिसने शहरी निकाय सुधारों को लागू किया: उसे अतिरिक्त 2508 करोड़ रुपये कर्ज लेने की अनुमति मिली

तेलंगाना देश का तीसरा राज्य बन गया है, जिसने सफलतापूर्वक शहरी निकायों के सुधारों को लागू कर दिया है। यह सुधार वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग द्वारा तैयार किए गए थे। सुधारों को लागू करने की वजह से राज्य खुले बाजार से उधारी लेने का पात्र बन गया है। राज्य इस सुविधा के जरिए 2508 करोड़ रुपये का कर्ज ले सकेगा। तेलंगाना को इस सुविधा की अनुमति व्यय विभाग ने 7 जनवरी 2021 को दी है। इसके पहले आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश अपने यहां शहरी निकायों के सुधार लागू कर चुके हैं।  इन सुधारों को लागू करने से तीन राज्यों को 7406 करोड़ रुपये अतिरिक्त पूंजी जुटाने की अनुमति मिली है।

शहरी निकायों में सुधार के जरिए शहरी सुविधाओं को बढ़ाने और उन्हें अपने राज्य में वित्तीय रूप से मजबूत करने का उद्देश्य है। जिसके जरिए शहरों में सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता संबंधी सेवाओं को बेहतर किया जा सके। आर्थिक रूप से मजबूत शहरी निकायों को बेहतर आधारभूत संसाधन तैयार करने में भी मदद मिलेगी। सुधारों के जरिए शहरी निकायों के लिए निम्न कदम उठाना जरूरी है:

  1. शहरी निकायों के लिए राज्य की जिम्मेदारी है कि वह संपत्ति कर के लिए फ्लोर रेट मौजूदा सर्किल रेट के आधार (संपत्तियों के लेन-देन पर रेट के लिए दिशानिर्देश जारी करें) पर बनाए।
  2. फ्लोर रेट तय करते वक्त उपभोक्ता को पानी की आपूर्ति, जल निकासी और सीवरेज सुविधाओं की लागत को आधार बनाया जाय। साथ ही इस रेट में पुरानी महंगाई को भी लिंक करना होगा।
  3. राज्य एक ऐसी प्रणाली बनाए जिसमें संपत्ति कर/उपभोक्ता शुल्क आदि में समय-समय पर बढ़ोतरी होती रहे।

इसके अलावा कोविड-19 महामारी की वजह से संसाधन जुटाने की खड़ी हुई चुनौती को देखते हुए भारत सरकार ने 17 मई को राज्यों के लिए कर्ज लेने की सीमा में भी बढ़ोतरी कर दी है। इसके तहत राज्य अपने सकल घरेलू उत्पाद के 2 फीसदी के बराबर कर्ज ले सकेंगे। जिसमें आधी पूंजी जुटाने की सुविधा, राज्य द्वारा नागरिकों की सुविधा के लिए उठाए गए सुधारों से जुड़ी होगी। राज्यों को अपने सकल घरेलू उत्पाद के 0.25 फीसदी की राशि चार नागरिक केंद्रित सुधारों को लागू करने पर मिलेगी। इसके तहत उन्हें एक राष्ट्र एक राशन कार्ड व्यवस्था (ख) ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधार लागू करना (ग) शहरी निकाय/आधारभूत (जरूरी) सुविधाओं में सुधार (घ) ऊर्जा क्षेत्र में सुधार को लागू करना होगा।

अब तक 10 राज्यों में एक राष्ट्र एक राशन कार्ड व्यवस्था लागू कर दी गई है। इसी तरह 7 राज्यों ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधारों को और 3 राज्यों ने स्थानीय निकाय सुधारों को लागू किया है। इसके तहत, जिन राज्यों ने सुधारों को लागू किया है उन्हें 54,190 करोड़ रुपये की अतिरिक्त पूंजी जुटाने की अनुमति मिली है।

मंगलवार, 3 नवंबर 2020

आग की लपटों में आने से भैस झुलसी

मछलीशहर, जौनपर| पवारा थाना अंतर्गत  रज्जुपुर  गांव में शनिवार के रात करीब 11 बजे हिमानी देवी ने अपने भैंस के पास मच्छर व डंक  भगाने के लिए  धुआँ जलाकर सोने चली गयी तो वहाँ पर रखी लकड़ी में किसी तरह आग पकड़ लिया।



मध्य रात्रि में लकड़ी तेज गति से जलने लगी तो पड़ोसी आग की लपटों की आवाज सुनकर नींद खुली तो अपने बिस्तर से उठ कर बाहर आकर जोर जोर से चिल्लाने लगे आग लगने की खबर सुनते ही गाँव के लोग और हिमानी देवी आकर भैस को बचाने की जुगत में लग गए।
ग्रामीणों द्वारा बाल्टी में पानी भरकर आग को बुझाया गया  तथा कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया तथा भैंस को आग से बाहर निकाला गया लेकिन तब तक भैंस आधी जल चुकी थी।