शनिवार, 10 अक्टूबर 2026

 सहकारिता से होगा समाज का सर्वांगीण विकास, गांव-गांव तक पहुंचाएं संगठन की विचारधारा: डॉ. संदीप सरावगी






झांसी। सहकार भारती के झांसी विभाग के अभ्यास वर्ग में सहकारिता के इतिहास, उद्देश्यों, समितियों के गठन, उनकी कार्यप्रणाली और संगठन के विस्तार पर विस्तार से मंथन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. संदीप सरावगी ने की। अभ्यास वर्ग में झांसी महानगर, झांसी देहात, जालौन और ललितपुर के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की।


अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में डॉ. संदीप सरावगी ने सहकारिता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सहकारिता केवल आर्थिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज को एकजुट करने और सामूहिक प्रयासों से सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त करने वाली व्यवस्था है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि सहकारिता के मूल सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाएं और गांवों से लेकर शहरों तक लोगों को इस व्यवस्था से जोड़ने का प्रयास करें।


उन्होंने संगठन की कार्यप्रणाली को प्रभावी बनाने, समितियों के गठन एवं संचालन की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने और सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया का प्रभावी उपयोग कर संगठन के उद्देश्यों, गतिविधियों और सहकारिता के लाभों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा सकता है।


अभ्यास वर्ग के विभिन्न सत्रों में सहकार भारती के कार्यों, संगठनात्मक विस्तार, कार्यकर्ताओं की भूमिका तथा सहकारिता के क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाने के विषय पर प्रबोधन किया गया। कार्यकर्ताओं को प्रेरित किया गया कि वे स्थानीय स्तर पर लोगों से संवाद स्थापित कर सहकारिता आधारित गतिविधियों को आगे बढ़ाएं।


कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कृषि अनुसंधान से जुड़े डॉ. सुनील कुमार चतुर्वेदी सहित विशिष्ट अतिथियों ने सहभागिता की। प्रथम सत्र में सुनील गुप्ता मंचासीन रहे तथा अध्यक्षता उदय सोनी ने की। द्वितीय सत्र में अरविंद दुबे मंचासीन रहे और अध्यक्षता श्री संतोष गुप्ता ने की। तृतीय सत्र में कैलाश निषाद एवं सुशील कुमार मंचासीन रहे, जबकि अध्यक्षता श्री धर्मेंद्र दुबे ने की। कार्यक्रम का संचालन विभाग सह संयोजक सर्वेश पटेल ने किया।


अभ्यास वर्ग का समापन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के झांसी विभाग प्रचारक मनोज ने किया। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने सहकारिता को मजबूत बनाने, संगठन का गांव-गांव तक विस्तार करने और समाज के आर्थिक एवं सामाजिक विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026

गंगा समग्र न्यास द्वारा गंगा रत्न सम्मान समारोह का भव्य आयोजन, वरिष्ठ प्रचारकों ने किया सम्मानित*








*कानपुर।* राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनुषांगिक संगठन 'गंगा समग्र न्यास' द्वारा आयोजित *गंगा रत्न सम्मान समारोह* में सहभागिता का पावन अवसर प्राप्त हुआ।


कार्यक्रम में *आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक एवं गंगा समग्र न्यास के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्रद्धेय रामाशीष जी भाईसाहब* मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके सान्निध्य में बतौर *विशिष्ट अतिथि (Guest of Honor)* सम्मिलित होने का सुअवसर मिला।


समारोह के दौरान वरिष्ठ प्रचारकों के कर-कमलों से प्रतिष्ठित *"गंगा रत्न सम्मान"* प्राप्त होना जीवन का अत्यंत गौरवशाली और अविस्मरणीय क्षण रहा। यह सम्मान निर्मल गंगा, अविरल गंगा के संकल्प के लिए कार्य करने वाले सभी कार्यकर्ताओं को समर्पित है।


मंच पर *आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक आदरणीय भवानी भीख जी, राजेश कुमार जी* सहित कई मूर्धन्य पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने गंगा संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया।


वक्ताओं ने कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, विरासत और जीवनदायिनी आस्था का प्रतीक है। इसे स्वच्छ और अविरल बनाए रखना हम सभी का दायित्व है।


*हर हर गंगे!*

UPI पर MDR शुल्क के विरोध में व्यापारियों ने मनाया ‘नो UPI डे’, नगाड़ा-डमरू बजाकर किया सत्याग्रह*

 श्रवण कुमार गुप्ता 9838885767





*कानपुर।* आगामी 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के UPI भुगतान पर 0.4 प्रतिशत MDR और उस पर 18 प्रतिशत GST सहित कुल 0.472 प्रतिशत शुल्क लगाए जाने की प्रस्तावित व्यवस्था के विरोध में गुरुवार को गांधी जयंती के अवसर पर व्यापारियों ने ‘नो UPI डे’ मनाया।


भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के तत्वावधान में प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र, जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता गोरे, जिला वरिष्ठ महामंत्री मनीष गुप्ता सलोने एवं प्रदेश मंत्री रोशन गुप्ता के नेतृत्व में सागर मार्केट, कैनाल रोड के बाहर सड़क पर ‘व्यापारियों की आवाज सुनो सत्याग्रह’ के तहत नगाड़ा और डमरू बजाकर धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान व्यापारियों ने हाथों में पोस्टर लेकर “UPI पर MDR शुल्क मंजूर नहीं” के नारे लगाए और UPI से भुगतान स्वीकार नहीं किया।


*प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र ने कहा* कि MDR के साथ GST लगने से लागत बढ़ेगी और अनरजिस्टर्ड व्यापारियों को इनपुट क्रेडिट भी नहीं मिलेगा। इसका असर देशभर के करोड़ों व्यापारियों पर पड़ेगा। आज जब UPI व्यापार का मुख्य माध्यम बन चुका है, तब अतिरिक्त शुल्क से व्यापारी फिर नकद लेनदेन की ओर लौटने को मजबूर होंगे। दीपावली जैसे त्योहारी सीजन से पहले यह फैसला व्यापारी और ग्राहक दोनों के लिए परेशानी का कारण बनेगा।


*जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता गोरे ने कहा* कि व्यापारी अतिरिक्त लागत को अपनी लागत में जोड़ेगा, जिसका अप्रत्यक्ष बोझ अंततः ग्राहकों पर पड़ेगा। इससे सरकार के कैशलेस अभियान को झटका लगेगा।


प्रदेश मंत्री रोशन गुप्ता, जिला वरिष्ठ महामंत्री मनीष गुप्ता सलोने और कानपुर मोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नीरज बलेचा, संरक्षक सुरेश सिंहवानी व उपाध्यक्ष सुशील तुली ने कहा कि मोबाइल और होलसेल कारोबार में मार्जिन पहले से कम है, ऐसे में यह शुल्क छोटे दुकानदारों और रिटेल कारोबारियों के लिए घाटे का सौदा होगा।


संगठन ने चेतावनी दी कि यदि MDR शुल्क वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कानपुर के साथ-साथ प्रदेश के अन्य जिलों में भी व्यापारियों ने ‘नो UPI डे’ मनाया।


इस मौके पर प्रदेश संगठन मंत्री संजय भदौरिया, जिला युवा अध्यक्ष आशीष मिश्र, कोषाध्यक्ष मनोज गुप्ता कुक्कू, विनायक पोद्दार, मनोज विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।