*व्यापार मण्डल के पदाधिकारी जी एस टी काउंसिल की 47 वी बैठक में 25 किलो तक अनाज सहित खाद्य सामग्री पर प्री पैकेज्ड के साथ लेवल लगे नॉन ब्रांडेड को 5 प्रतिशत टैक्स के दायरे में लाने के फ़ैसले को वापस लेने या इसमे संशोधन किये जाने की मांग को लेकर अपर आयुक्त ग्रेड 1 से मिले ,वार्ता की और केंद्रीय वित्त मंत्री को संबोधित ज्ञापन अपर आयुक्त ग्रेड 1 को सौंपा, सचल दल इकाईयो द्वारा सही गाड़ी पकड़ कर लाई जाती है और उनसे पेनाल्टी जमा करने का दबाव बनाया जाता है इस पर रोक लगाई जाय*
आज *भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश वरिष्ठ महामन्त्री ज्ञानेश मिश्र , महानगर महामन्त्री मनीष गुप्ता सलोने व युवा अध्यक्ष अतुल त्रिपाठी के नेतृत्व में कानपुर राइस मिलर्स एसो के नगर अध्यक्ष अतिन गुप्ता, संग़ठन के संयुक्त महामन्त्री संजय मिश्रा,वरिष्ठ उपाध्यक्ष जितेंद्र सिंह,सुरेश युवा कोषाध्यक्ष अतुल ओमर सिंघवानी,शशांक दीक्षित ,युवा महामन्त्री मनोज विश्वकर्मा व विनायक पोद्दार,अनुराग जायसवाल, अरविंद गुप्ता,प्रेम गुप्ता,अब्दुल वहीद, जय कुमार शर्मा,शिव विश्वकर्मा,अभिषेक गुप्ता ,आकाश जायसवाल ,अवतार शर्मा,अमित राय,तुषार यादव,राजीव गुप्ता ,प्रतीक त्रिवेदी* आदि व्यापार मण्डल के पदाधिकारी जी एस टी काउंसिल की 47 वी बैठक में 25 किलो तक अनाज सहित खाद्य सामग्री पर प्री पैकेज्ड के साथ लेवल लगे नॉन ब्रांडेड को 5 प्रतिशत टैक्स के दायरे में लाने के फ़ैसले को वापस लेने या इसमे संशोधन किये जाने की मांग को लेकर *अपर आयुक्त ग्रेड 1 जी एस बोनाल* से मिले और वार्ता की ।
व्यापारियों ने केंद्रीय वित्त मंत्री को संबोधित ज्ञापन अपर आयुक्त ग्रेड 1जी एस को सौंपा।
सचल दल इकाई द्वारा सही गाड़ी पकड़ कर लाई जाती है और उनसे पेनाल्टी जमा करने का दबाव बनाया जाता है इस पर रोक लगाई जाय।
तीन दिन पहले एक लोहा की सही गाड़ी पकड़ कर लाये जाने का भी मुद्दा उठा इस पर व्यापारियों का हंगामा भी हुआ।
*भा उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश वरिष्ठ महामन्त्री ज्ञानेश मिश्र ने अपर आयुक्त ग्रेड 1* को बताया कि जी एस टी काउंसिल की 47 वी बैठक में 25 किलो तक अनाज सहित खाद्य सामग्री पर ब्रांडेड के अलावा प्री पैकेजेड के साथ लेवल लगे नॉन ब्रांडेड खाद्य पदार्थो (अनाज ,दाल, चावल ,दही ,लस्सी बटर मिल्क आदि )को 5 प्रतिशत टैक्स के दायरे में लाने के फ़ैसला किया गया है जिससे निश्चित रूप से महंगाई बढ़ेगी और छोटे छोटे मिलर्स व व्यापारियों को जी एस टी के दायरे में लाने से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ेगा और एकाउटेंट व कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ानी होगी। इस फैसले में बहुत कुछ संशोधन की आवश्यकता है या कोरोनाकाल में गिरते व्यापार के दृष्टिकोण से छोटे उद्यमियों व व्यापारियों को परेशानी देने वाले इस फैसले को वापस लिया जाना चाहिए । इस प्रस्तावित फैसले में अनाज सहित अन्य खाद्य सामग्री पर 25 किलो तक सादी पैकिंग को करमुक्त रखने की कहा गया है जो कि सादी पैकिंग में बेचा जाना संभव नही है क्योंकि बिना fssai नम्बर ,वजन ,मिलर्स या फर्म का नाम और अनाज के व उसकी किस्म के बारे में लिखना आवश्यक होता है और सादी बोरी में पैक्ड अनाज को पहचानना भी मुश्किल होगा और उपरोक्त जानकारी दिए बिना किसी भी खाद्य सामग्री सहित अनाज को बेचना असंभव होगा ।
आगे कहा कि और सबसे बड़ी बात स्टेट जी एस टी की एस आई बी द्वारा सर्वे छापे के दौरान व सचल दल इकाइयों द्वारा माल को रोककर और सेंट्रल जी एस टी द्वारा भी उत्पीड़न की संभावना बढ़ जाएगी ।
आगे कहा कि इस आदेश में संशोधन करते हुए अनाज (दाल,चावल ,आटा, बेसन आदि) सहित अन्य खाद्य सामग्री पर 25 किलो तक सादी पैकिंग को करमुक्त की श्रेणी में रखते हुए fssai नम्बर ,वजन ,मिलर्स या फर्म का नाम और अनाज के व उसकी किस्म के बारे में लिखने की छूट दी जाय या इस आदेश को पूर्णतया वापस लिया जाय।
*अपर आयुक्त ग्रेड 1 जी एस बोनाल* ने ज्ञापन को केंद्रीय वित्त मंत्री को ज्ञापन पहुंचाने का आश्वासन दिया और सचल दल इकाइयों की कार्यशैली पर रोक लगाने का आश्वासन भी दिया।




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