
कानपुर : आज पूरा देश कोरोना जैसे महामारी से जंग लड़ रहा है. इस महामारी के चलते एहतियातन पूरे देश में लॉक डाउन कर दिया गया है. जिसके बाद आज देश में अलग अलग राज्यों में रह रहे लोग अपने अपने घर की तरफ पलायन कर रहे हैं. हालांकि राज्य सरकारें ये दावा कर रहीं हैं कि उनके राज्य सभी के लिए समुचित व्यवस्था बावजूद इसके लोगों के पलायन में कोई कमी नहीं। लोगों से बात करने पर पता चला कि उनके खाने और रहने की कोई व्यवस्था नहीं है जिसके कारण उन्हें अपने घर के लिए पलायन करना पड़ रहा है.आलम ये है कि लोग 600 किमी के लम्बे सफर पर अपने परिवार सहित पैदल ही निकल पड़े हैं. जिस तरह से लोगों का पलायन जारी है और 21 दिनों का लॉक डाउन घोषित किया जा चुका है उसको देखते हुए भारत में भुखमरी के रूप में एक नई महामारी न आ जाये।परन्तु जब तक नीलम रोमिला सिंह जैसी समाज सेवी कर्मठ और साहसी जो बिना अपनी जान की परवाह किये बगैर जन सेवा के लिए सदैव तत्पर रहतीं हैं तब तक ये समस्या उत्तर प्रदेश में तो नहीं आने पायेगी ये कहना गलत नहीं होगा।जी हाँ हम बात कर रहे हैं नीलम रोमिला सिंह की जो आज किसी पहचान की मोहताज हैं. आपको बता दें कि नीलम रोमिला सिंह करीब पिछले 23 वर्षों से समाजवादी पार्टी से जुड़ी हुई हैं. नीलम रोमिला सिंह इस पार्टी की एक अनुभवी व संघर्षशील नेत्री हैं. वह समाजवादी पार्टी के शासनकाल में उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग की सदस्य रह चुकी हैं.इतना ही नहीं नीलम रोमिला सिंह ने उनकी समस्याओं का निस्तारण भी करवाया जिसमें विशेष रुप से टिकट के पैसे ना होने के कारण बस कंडक्टर के द्वारा मजलूम यात्रियों को बस से उतार देना। नीलम रोमिला सिंह ने जिलाधिकारी महोदय से बताया उन्होंने मौके पर ही कहा कि ऐसे लोगों को निशुल्क उनके गंतव्य तक पहुंचाया जाएगा।


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