शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026

 सिद्धेश्वर मंदिर मंडपम में धूमधाम से आयोजित हुई डांडिया नाइट 9.0







झांसी। एसवीएन एवं संघर्ष सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में सिद्धेश्वर मंदिर मंडपम, झांसी में डांडिया नाइट 9.0 का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अतिथियों, आयोजकों और प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजन में भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं, महिला सम्मान और सुरक्षा को विशेष महत्व दिया गया।


कार्यक्रम के आयोजक सौरभ सिंह एवं संयोजक विजय पहारिया रहे। मुख्य अतिथियों में काजल, डॉ. कीर्ति सागर और नीता सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलन किया गया तथा डॉ. संदीप सरावगी ने विधिवत आरती कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।


इस अवसर पर डॉ. संदीप सरावगी ने कहा कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराएं हमारी पहचान हैं। डांडिया जैसे सांस्कृतिक आयोजन केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को अपनी परंपराओं से जोड़ने और आपसी सद्भाव बढ़ाने का अवसर भी हैं। ऐसे कार्यक्रमों में धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करने के साथ-साथ महिलाओं की गरिमा, सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है।


उन्होंने कहा कि संघर्ष सेवा समिति का उद्देश्य सामाजिक, सांस्कृतिक और जनकल्याणकारी गतिविधियों के माध्यम से समाज में सकारात्मक संदेश देना है। महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण प्रदान करना किसी एक व्यक्ति या संगठन का नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है।


कार्यक्रम में बजरंग दल के सोमेंद्र पटेरिया ने डॉ. संदीप सरावगी की प्रशंसा करते हुए कहा कि डांडिया नाइट 9.0 का आयोजन भारतीय हिंदू रीति-रिवाजों और परंपराओं के अनुरूप किया गया। उन्होंने आयोजन में महिला सुरक्षा और महिला सम्मान का विशेष ध्यान रखे जाने की सराहना की। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों में परंपराओं के संरक्षण के साथ महिलाओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल सुनिश्चित करना सराहनीय पहल है।


कार्यक्रम में डॉ. पुनीत श्रीवास्तव, रवि गुप्ता, अजय चड्ढा, जगदीश, आचार्य श्री राजीव पाठक, डॉ. रोहित पांडे, अंजलि सागर, सलोनी झा, मीनू राठौर, काजल, डॉ. अजय कुमार गुप्ता, डॉ. आशीष श्रीवास्तव सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


इसके अतिरिक्त क्रू मेंबर विक्की, संस्कार, पीयूष खरे, जतिन, वीरेंद्र, हित्तू सिंह, आदित्य, रूपाली, निधि और पीहू सहित अनेक प्रतिभागियों ने आयोजन में सहभागिता की।


कार्यक्रम में सांस्कृतिक उत्साह, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक जिम्मेदारी का सुंदर संगम देखने को मिला। आयोजन ने भारतीय संस्कृति के संरक्षण, महिला सम्मान और सुरक्षित सामाजिक वातावरण का संदेश दिया।

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