शुक्रवार, 2 दिसंबर 2022

झांसी: पुलिस ने किया प्रार्थी को गुमराह,नहीं की न्यायालय केआदेश पर विवेचना

 







मो जावेद 


झांसी: झांसी में एक मामला सामने आया है जिसमें प्रार्थी का कहना है जिसमें माननीय न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट झांसी ने अग्रिम विवेचना किए जाने का आदेश पारित किया था किंतु 1 वर्ष व्यतीत हो जाने पर भी उक्त मामले के न्यायालय के आदेश को दरकिनार कर विवेचना नहीं की


आपको बताते चलें कि असल में मामला उत्तर प्रदेश जिला झांसी का है झांसी के सिविल लाइन थाना नवाबाद के रहने वाले इकराम अहमद पुत्र अब्दुल् का कहना है कि प्रार्थी के प्रकरण अपराध संख्या163/20 धारा 323 379 389 120बी भा०द०स० थाना नवाबाद झांसी की एफआर संख्या389/2020 मैं माननीय न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट झांसी ने दिनांक 17/12/2021 को अग्रिम विवेचना किए जाने का आदेश पारित किया था किंतु लगभग 1 वर्ष का समय व्यतीत हो जाने पर भी उक्त मामले के विवेचक अभियुक्तगण के प्रभाव में माननीय न्यायालय के आदेश को दरकिनार कर विवेचना नहीं कर रहे हैं तथा अभियुक्तगण को लाभ पहुंचाना चाहते हैं ऐसी स्थिति में उक्त प्रकरण के विवेचक से प्रार्थी को न्याय मिलना संभव नहीं है जिस वजह से उक्त प्रकरण में अग्रिम विवेचना थाना नवाबाद झांसी से स्थानांतरित कर किसी अन्य थाने के माध्यम से कराना जाना न्यायहित में आवश्यक है इस उपरांत एक प्रार्थना पत्र माननीय वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दफ्तर में जा कर दीया एसपी सिटी और सीओ सिटी को भी शिकायती पत्र दिया जिस पर उन्होंने विवेचक को तुरंत कार्यवाही करने का आदेश दिया और प्रार्थी को भी आश्वासन दिया की जल्द से जल्द इस पर कार्यवाही की जाएगी जिस पर मुझे भी पूर्ण विश्वास ब भरोसा है अतः मुझे दिखाई दिया कि योगी राज में कानून व्यवस्था काम कर रही है ऐसे ही काम होता रहा तो जल्द ही योगी सरकार में अपराध मुक्त देश होगा

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